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Narasimha Puja During Holashtak – होलाष्टक में करें नरसिंह भगवान की पूजा, दूर होंगे भय और संकट – जानें सरल विधि

Narasimha Puja During Holashtak. होलाष्टक के पावन दिनों में करें नरसिंह भगवान की आराधना और पाएं भय व संकटों से मुक्ति।

होलाष्टक 2026 का समय आ गया है, जब फाल्गुन शुक्ल अष्टमी (24 फरवरी) से होलिका दहन तक शुभ कार्य वर्जित रहते हैं। इस दौरान नरसिंह भगवान की पूजा सबसे प्रभावी उपाय मानी जाती है। भक्त प्रह्लाद के रक्षक भगवान नरसिंह की आराधना से नकारात्मक ऊर्जा, शत्रु बाधा और भय दूर होते हैं। यह लेख होलाष्टक पूजा विधि, सामग्री और लाभ बताएगा।

क्यों अशुभ माने जाते हैं होलाष्टक के दिन?

होलाष्टक में भगवान नरसिंह की पूजा का महत्व

होलाष्टक प्रह्लाद पर हिरण्यकशिपु के अत्याचारों का प्रतीक है। नरसिंह भगवान विष्णु के उग्र अवतार हैं, जो अधर्म का नाश करते हैं। रोज पूजा से घर में सकारात्मकता आती है, ग्रह दोष शांत होते हैं। ज्योतिषी कहते हैं, यह होलाष्टक उपाय सबसे सरल और फलदायी है।

आवश्यक पूजा सामग्री

नरसिंह पूजा सामग्री आसानी से घर पर उपलब्ध:

  • नरसिंह यंत्र/चित्र/मूर्ति
  • लाल वस्त्र, चंदन, कुमकुम, अक्षत
  • पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद), गुड़-तिल भोग
  • घी दीपक, धूप, रुद्राक्ष माला
  • फूल (लाल गुलाब), मोर पंख

चरणबद्ध पूजा विधि

होलाष्टक नरसिंह पूजा सुबह सूर्योदय या शाम को पूर्वाभिमुख करें:

  • संकल्प: स्नान कर कुश आसन बिछाएं। संकल्प लें- “होलाष्टक काल में नरसिंह भगवान की पूजा करूंगा।”
  • स्थापना: चित्र को गंगाजल से स्नान कराएं। लाल वस्त्र ओढ़ाएं।
  • अभिषेक: चंदन तिलक, पंचामृत से अभिषेक। मंत्र: ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्॥
  • जाप: ॐ नरसिंहाय नमः या ऊपर वाला मंत्र 108 बार जपें।
  • आरती-भोग: घी दीपक, धूप दिखाएं। गुड़-तिल भोग लगाएं। आरती करें।
  • प्रसाद: चरणामृत बांटें।

मंत्र जप

नरसिंह भगवान के मंत्र का जप विशेष फलदायी है –
“ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्।
नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युर्मृत्युं नमाम्यहम्॥”

रोज 11 मिनट की पूजा से चमत्कार होता है।

विशेष लाभ और सावधानियां
नरसिंह साधना लाभ:
शत्रु नाश, रोग मुक्ति, धन प्राप्ति। महिलाएं लाल वस्त्र पहनें। शुद्ध मन से करें। होलिका दहन पर यंत्र को सुरक्षित रखें।

होलाष्टक में नरसिंह भगवान पूजा से जीवन रंगीन बनेगा। शुभ होलाष्टक!

(डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। Publicreact.in इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

नोट: हमारे द्वारा उपरोक्त लेख में अगर आपको कोई त्रुटि दिखे या फिर लेख को बेहतर बनाने के आपके कुछ सुझाव है तो कृपया हमें कमेंट या फिर ईमेल के द्वारा बता सकते है हम आपके सुझावों को प्राथिमिकता के साथ उसे अपनाएंगे धन्यवाद !

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